घर खरीदते समय अपनी पूंजी निवेश में बनाए रखें, तो उसका बढ़ता रिटर्न आगे चलकर EMI भर सकता है और आपकी नियमित आय दूसरे कामों के लिए बच सकती है।
आज अपना घर। आगे EMI के लिए आय पर कम निर्भरता।
सोचिए, आप ₹50 लाख का घर खरीदते हैं, पहले चार साल EMI अपनी आय से भरते हैं और पांचवें साल से निवेश की कमाई यह जिम्मेदारी संभाल लेती है।
NiveshWise के एसेट खरीद प्रभावी लागत कैलकुलेटर का यही विचार है: घर की खरीद और निवेश की योजना साथ बनाएं, ताकि आपका पैसा भी लोन चुकाने की जिम्मेदारी में हिस्सा ले सके।
शुरुआती फायदा: पैसा आपके पास पहले से है। फैसला उसके इस्तेमाल का है: घर के लिए एकमुश्त भुगतान करें या सहज EMI वाले लोन के साथ निवेश भी बनाए रखें।
₹50 लाख के उदाहरण से शुरू करें
मान लीजिए आपके पास ₹50 लाख हैं। डाउन पेमेंट के लिए ₹5 लाख अलग रखें, ₹45 लाख निवेश में बनाए रखें और घर की बाकी कीमत के लिए ₹45 लाख का लोन लें।
इस उदाहरण में लोन की दर स्थिर है, निवेश पर सालाना चक्रवृद्धि होती है और पहले चार साल आप पूरा रिटर्न दोबारा निवेश करते हैं। आंकड़े टैक्स और शुल्क से पहले के हैं।
डाउन पेमेंट और लोन का बंटवारा कैलकुलेटर के इनपुट हैं; अपने बैंक से वास्तव में मंजूर होने वाली रकम इस्तेमाल करें। खरीद के खर्च और इमरजेंसी फंड की अलग व्यवस्था रखें।
अपने निवेश को एक लक्ष्य दें
लक्ष्य आसान है: निवेश से इतनी सालाना कमाई हो कि उससे बारह EMI भरी जा सकें।
शुरुआती सालों में EMI आपकी नियमित आय से जाती है। इस बीच निवेश रिटर्न कमाता है और वह रिटर्न मूल रकम में जुड़ता है। अगले साल आपके लिए पहले से ज्यादा पैसा काम कर रहा होता है।
साल-दर-साल बढ़ता रिटर्न देखें
चौथे साल के अंत तक सालाना रिटर्न, पूरे साल की EMI से आगे निकल जाता है। कैलकुलेटर के सालाना मॉडल के अनुसार, पांचवें साल से EMI निवेश की कमाई से भरना शुरू होता है।
आपके निवेश का सालाना रिटर्न इतना बढ़ गया है कि उससे पूरे साल की होम लोन EMI भरी जा सकती है।
दो चरण। एक साफ योजना।
आप कमाई का आधार बनाते हैं
- EMI नियमित आय से भरें।
- निवेश को बनाए रखें।
- पूरा रिटर्न दोबारा निवेश करें।
निवेश जिम्मेदारी संभालता है
- निवेश की कमाई EMI में लगाएं।
- बची रकम दोबारा निवेश करें।
- बचने वाली सैलरी को नया लक्ष्य दें।
पांचवें साल की शुरुआत में निवेश लगभग ₹60.10 लाख है। माने गए 7.5% रिटर्न पर उस साल करीब ₹4.51 लाख कमाई होती है। ₹4.15 लाख की सालाना EMI के बाद इस सालाना मॉडल में लगभग ₹35,508 दोबारा निवेश के लिए बचते हैं।
महीने की नकदी का इंतजाम करें। निवेश से मिलने वाले भुगतान को EMI की तारीखों से मिलाएं या तुरंत उपलब्ध नकदी का बफर रखें। संचयी FD का भुगतान मैच्योरिटी पर हो सकता है, जबकि बॉन्ड का ब्याज उनके तय शेड्यूल पर मिलता है। कैलकुलेटर के सालाना आंकड़े मासिक निकासी के समय को सरल रूप में लेते हैं।
इस पड़ाव तक आपने कितना योगदान दिया?
डाउन पेमेंट और पहले चार साल की EMI मिलाकर लगभग ₹21.61 लाख बनते हैं। इसी दौरान आपका बनाए रखा निवेश करीब ₹15.10 लाख बढ़ा है।
₹21.61 लाख − ₹15.10 लाख
≈ ₹6.51 लाख
यह चार साल के पड़ाव पर निवेश की बढ़त घटाने के बाद का शुद्ध खर्च है, टैक्स और लागतों से पहले। बढ़त अभी आपके मूल ₹45 लाख के साथ निवेश में बनी हुई है।
इस समय आपके पास घर और निवेश दोनों हैं। साथ ही, लगभग ₹43.45 लाख लोन मूलधन बाकी है, जिसे बचे हुए 26 साल में चुकाना है। मानी गई दरों पर आगे की निवेश आय इन जारी भुगतानों में सहायता करती है।
पैसे को काम करते रहने देना क्यों उपयोगी है?
खरीद आपकी रहने की जरूरत पूरी करती है और हर EMI धीरे-धीरे लोन घटाती है।
सारा पैसा शुरुआत में खरीद पर खर्च होने के बजाय बची हुई रकम को बढ़ने का समय मिलता है।
निवेश का रिटर्न बढ़ने पर वह ऐसी किस्त की जिम्मेदारी ले सकता है जो शुरुआत में आपकी सैलरी पर निर्भर थी।
EMI का स्रोत बदलने के बाद उस मासिक रकम को किसी दूसरे लक्ष्य, अतिरिक्त निवेश या आर्थिक सुरक्षा के लिए रख सकते हैं।
योजना अपनी जिंदगी के अनुसार बनाएं
- पहले से मौजूद पूंजी से शुरू करें।
निवेश, डाउन पेमेंट और इमरजेंसी फंड का हिसाब अलग और स्पष्ट रखें। - शुरुआती EMI सहज रखें।
निवेश के जिम्मेदारी संभालने तक आपकी आय से लोन आराम से चलना चाहिए। - वास्तव में बचने वाला रिटर्न इस्तेमाल करें।
टैक्स, शुल्क, निवेश का जोखिम और रिन्यूअल की दरें उपलब्ध आय तथा EMI शुरू होने के साल को प्रभावित करती हैं। - दरें बदलें तो योजना फिर देखें।
लोन की दर या निवेश रिटर्न बदलने से EMI कवरेज बदलती है। भुगतान का बैकअप स्रोत बनाए रखें।
NiveshWise में अपना हिसाब देखें
एसेट खरीद: नकद बनाम लोन + निवेश खोलें, जिसे एसेट खरीद प्रभावी लागत कैलकुलेटर भी कहा गया है। खरीद की कीमत, मंजूर लोन की रकम, ब्याज दर, अवधि और निवेश रिटर्न भरें।
देखें कि किस साल निवेश की आय EMI संभाल सकती है, शुरुआत में कितना नकद भुगतान होता है और कितना निवेश बचता है। फिर समान बजट और अवधि में नकद खरीद तथा EMI जितनी बची मासिक रकम के निवेश से तुलना करें।
आप ₹20 लाख की खरीद, ₹50 लाख का घर या बड़ी संपत्ति का उदाहरण देख सकते हैं। कैलकुलेटर दिखाता है कि आपकी रकम और मान्यताओं के साथ EMI फंडिंग का पड़ाव कैसे बदलता है।
सप्ताह 5 की सीख
घर खरीदने की योजना ऐसे निवेश के साथ बनाई जा सकती है जो बढ़ता रहे। पहले से मौजूद पूंजी, सहज शुरुआती EMI और पर्याप्त उपयोग करने योग्य रिटर्न के साथ आपका निवेश आगे चलकर किस्तों की जिम्मेदारी संभाल सकता है। सोचिए, आपकी मनचाही जिंदगी की दिशा में काम करते हुए आपका पैसा आपके लिए क्या कमा सकता है।